Thursday, 25 September 2014

ऐ मेरी मोहब्बत



मेरी सांसें मेरी धड़कन तू मौसम की रवानी है
रगों में इश्क तेरा है, तू ही अब जिंदगानी है।

ये उजली-सी सुबह तू है, तू ही अब शाम है मेरी
ये तारे, चांद, ये ऋतुएं, तेरी ही बस कहानी हैं

जीवन की नदी में एक नाजुक कंकड़ी-सी ये
मोहब्बत, मेरे ख्वाबों मेरी यादों से पुरानी है।

मेरी सांसों का मकसद तू, मेरे जीवन का हासिल तू
तेरी सूरत, तेरी आंखें खुदा की मेहरबानी हैं।

तुझे एक पल भी जो भूलूं, लगे जिंदा नहीं हूं मैं
तेरा हंसता हुआ चेहरा मेरी आंखों का पानी है।

भले मजबूर हूं कितनी, मैं तुझसे दूर हूं कितनी
तेरी सांसें मेरी धड़कन, तेरी ही मैं दीवानी हूं।

मेरी शोहरत है तू, चाहत है तू, अभिमान तू ही है
मैं जिंदा हूं तो तू ही मेरे जीने की निशानी है।

तेरी हसरत करूं न तो करूं क्या ये बता दे तू
तेरे दम से मोहब्बत है, तेरे दम से जवानी है।

Thursday, 4 September 2014

वो...



दर्द-ए-दिल हर सुबह हर शाम दे गया
वो चंद मुलाकातों में अपना नाम दे गया

हम तो थे बेफिकर मौजों में थी नजर
मुस्कुराकर मुहब्बत का इंतकाम ले गया

कल तक हो जो भी चाहत अब वो ही रह गया
मेरी हसरतों को इश्क का गुलाम कर गया

बसने लगा है आज धड़कनों की जगह वो
जीने की वजह मुझको वो तमाम दे गया