Thursday, 28 December 2017

'जब किसी के पहलू में होगे तो मेरी याद आएगी'

वो मोहब्बतों के पल और वो फिक्र भरी शामें
तुम दूर हो गए तो क्या वो याद नहीं आएंगी! जब तुमसे कोई जिद करेगा, जब कोई तुम पे मरेगा हसरत भरी निगाहों से तेरी तरफ देखेगा याद करना न चाहो भले पर याद मेरी आएगी जब शाम ढलेगी और चाय बनेगी कोई प्यार से कॉफ़ी का मग हाथों में थमाएगा तो बिना चाहे तुम्हें मेरी याद आएगी जब कोई तुम्हारा ख्याल रखेगा, प्यार करेगा माथे को चूमकर तुम्हारे चेहरे को सीने से लगा लेगा तुम कितना भी भुलाओगे मेरी याद आएगी जब मोज़े खरीदोगे, जब हाथ नहीं धोओगे कोई तुमको समझाएगा, कोई एकटक निहारेगा तुम कितना भी मिटाओगे मेरी याद आएगी तुम जितना दूर जाओगे मेरी याद आएगी

1 comment:

  1. बहुत सुन्दर कोई कितना भी चाहें यादें नहीं मिटा सकता । हम यादों में हमेशा साथ रहते हैं । बेहतरीन अभिव्यक्ति ।
    सादर

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